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About Me

माणिक 
माणिक उर्फ़ 'बसेड़ा वाले हिंदी के माड़साब'। 

सन 2000 से अध्यापकी। 2002 से स्पिक मैके आन्दोलन में सक्रीय स्वयंसेवा। 2006 से 2017 तक ऑल इंडिया रेडियो,चित्तौड़गढ़ से अनौपचारिक जुड़ाव। 2009 में साहित्य और संस्कृति की ई-पत्रिका अपनी माटी की स्थापना। 2014 में 'चित्तौड़गढ़ फ़िल्म सोसायटी' की शुरुआत। 2014 में चित्तौड़गढ़ आर्ट फेस्टिवल की शुरुआत में हिस्सेदारी। चित्तौड़गढ़ में 'आरोहण' नामक समूह के मार्फ़त साहित्यिक-सामजिक गतिविधियों का आयोजन। 'आपसदारी' नामक साझा संवाद मंच चित्तौड़गढ़ के संस्थापक सदस्य। 'सन्डे लाइब्रेरी' नामक स्टार्ट अप की शुरुआत। 'ओमीदयार' नमक अमेरिकी कम्पनी के इंटरनेशनल कोंफ्रेंस 'ON HAAT 201' में बेंगलुरु में बतौर पेनलिस्ट हिस्सेदारी। वर्तमान में स्कूल शिक्षा, राजस्थान सरकार में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय बसेड़ा(छोटी सादड़ी,प्रतापगढ़) में हिंदी के प्राध्यापक हैं। कई राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में प्रतिभागिता। अध्यापन के तौर पर हिंदी और इतिहास में स्नातकोत्तर। 'हिंदी दलित आत्मकथाओं में चित्रित सामाजिक मूल्य' विषय पर मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से शोधरत। 

प्रकाशन: मधुमती, मंतव्य, कृति ओर, परिकथा, वंचित जनता, कौशिकी, संवदीया, रेतपथ और उम्मीद पत्रिका सहित विधान केसरी जैसे पत्र में कविताएँ प्रकाशित। कई आलेख छिटपुट जगह प्रकाशित।माणिकनामा के नाम से ब्लॉग लेखन। अब तक कोई किताब नहीं। 

सम्पर्क
ए -10,कुम्भा नगर, स्कीम नम्बर-6,चित्तौड़गढ़-312001,राजस्थान
वाट्स एप:9460711896
इन्स्टाग्राम:manik_cultural_activist
ट्विटर:https://twitter.com/manikspicmacay
ब्लॉग:http://manik.apnimaati.com/
ई-मेल:manik@spicmacay.com
वेबसाईट:http://www.apnimaati.com/
यूट्यूब:https://www.youtube.com/channel/UCuPzzL1TjEjhvNld6QaZlFg

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