19 नवंबर, 2021
विचार की टाटी खुली तो मंथन संभव हुआ है।

विचार की टाटी खुली तो मंथन संभव हुआ है।

शुक्रवार, नवंबर 19, 2021

14 नवम्बर 2021 बसेड़ा की डायरी विचार की टाटी खुली तो मंथन संभव हुआ है। बाड़ाबंदी से दम घुटता है अब। जान गया हूँ कि उस पार हिलोरती नदी बाँह...

09 नवंबर, 2021
शुक्रिया प्रवीण कि तुम्हारे आने से

शुक्रिया प्रवीण कि तुम्हारे आने से

मंगलवार, नवंबर 09, 2021

9 नवम्बर 2021, बसेड़ा की डायरी यह दो राग का मिलनबिंदु है। राग प्रवीण और राग माणिक। भारतीय जीवन शैली में इन्हें आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने...

07 नवंबर, 2021
बेतरतीब दिनों को करीने से लगाने की असफल कोशिशों के बीच

बेतरतीब दिनों को करीने से लगाने की असफल कोशिशों के बीच

रविवार, नवंबर 07, 2021

7 नवम्बर 2021 बसेड़ा की डायरी बेतरतीब दिनों को करीने से लगाने की असफल कोशिशों के बीच बना हुआ हूँ। गूँथने वाली नुवार का पुराना पलंग था जिस...

27 जून, 2021
बसेड़ा की डायरी : तमाम चिंताओं के बीच भी काम जारी है।

बसेड़ा की डायरी : तमाम चिंताओं के बीच भी काम जारी है।

रविवार, जून 27, 2021

बसेड़ा की डायरी , 27 जून 2021  मोहल्ले में आज प्रखर का जन्मदिन है। हमारे घर के ठीक सामने वाले भैया-भाभी का लड़का। गोवर्धन भैया और गायत्री भाभ...

20 जून, 2021
बसेड़ा की डायरी : चार भाई-बहन के बीच एक मोबाइल है।

बसेड़ा की डायरी : चार भाई-बहन के बीच एक मोबाइल है।

रविवार, जून 20, 2021

बसेड़ा की डायरी, 20 जून 2021 कोरोना के मारे हुए स्कूल खुलूँ-खुलूँ करते हुए सात जून को खुल तो गए पर वेंटिलेटर के मरीज की तरह अभी तबियत पूरी ...

12 जून, 2021
बसेड़ा की डायरी : किसी की छान पर आलड़ी, तरोई या गिलकी लगेंगी।

बसेड़ा की डायरी : किसी की छान पर आलड़ी, तरोई या गिलकी लगेंगी।

शनिवार, जून 12, 2021

बसेड़ा की डायरी, 12 जून 2021 गाँव के पढ़े-लिखे, कम-पढ़े और बिन-पढ़े सभी कहते हैं कि स्कूल में बच्चे नहीं तो फिर माड़साब के लिए क्या काम रहत...

 
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