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28 जून, 2010
(लम्बी कविता)''बदल गया है वक़्त कितना''

(लम्बी कविता)''बदल गया है वक़्त कितना''

(लम्बी कविता)''बदल गया है वक़्त कितना'' नैन बावरे,मन बावरा धड़कन जिसको भजती है रही तलाश में अबतक सालों से नज़र जिसके आता नही...

06 अप्रैल, 2010
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अपनी बस्ती(कविता)

अपनी बस्ती -------------------- एकदम काला काला सा और भूखा भी अन्तिम घर का नौनिहाल था वो घण्टी सुनकर स्कूल आता वेणीराम ...

 
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