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11 फ़रवरी, 2014

11-02-2014


  • जब हम समझते नहीं थे तब वेलेंटाइन के प्रभाव में थे अफसोस तब ग्रीटिंग-फ्रिटिंग के लिए पैसा खरचने के जुगाड़ लगाना आसमान में छेद करने के बराबर था,अब पैसे है मगर दिमाग बाज़ार को समझ गया है तब हम नादान और ग़रीब दोनों थे.हाँ प्रेम हम तब भी करते थे और अब भी.
  • मैं अपनी मरी हुयी दादी माँ को हेप्पी वेलेंटाइन बोलना चाहता हूँ क्या ये बाज़ार मुझे कोई उपाय सुझाएगा.
  • वेलेंटाइन के तमाम चोंचलों के बीच प्रेम:क्या हमने अपने आते-जाते में दूधवाले, प्रेसवाले, सफाईवाले, आटा चक्कीवाले, सब्जीवाले, उधारवाले,नकदवाले, बैंक वाले,डाकवाले, दुकानवाले, मकानवाले , पहचानवाले, घरवाले और बिना पहचानवालों से मिलने-बतियाने में जो प्रेम जताया उसे वेलेंटाइन पर फिर जताना ज़रूरी है.साल में प्रेम करने का सिर्फ एक दिन,बहुत नाइंसाफी है रे कालिया.हमारे समाज में प्रेम के लिए कितने कम दिन रह गए हैं.'परेम' बचाने ही निकले हो तो सारे चश्में उतार कर प्रेम करने निकलो बाबू .वेलेंटाइन का फितूर उतर जाए तो लल्ला ज़रा कबीर को पढ़ लेना,कुमार गंधर्व को सुन लेना या फिर लास्ट चोइस प्रहलाद सिंह तिपानिया के गीत सुन लेना,मगर वेलेंटाइन के बाद क्योंकि अभी कुछ भी समझ में आने से परे है.परेम-वरेम के इन दिनों में हमारे भीतर एक बाज़ार कुलांचे भर रहा है और हम गफलत में उसे महबूब का परेम समझ बैठे हैं .ग्रीटिंग,टेडी,दिखावटी फूल,गिफ्ट-शिफ्ट के भरोसे पर ही टिकी प्रेमिल इमारत कल टूटती हो तो आज ही टूटे.वेलेंटाइन सन्डे को आना चाहिए या फिर अमावाश को ताकि मजदूर लोग भी 'प्रेम' कर सकें.प्रेम करने और दिखाने की एक ही तारीख है चौदह फरवरी,न तेरह,न पंद्रह.चुक गए तो फिर आप प्रेम करने से वंचित रह जायेंगे.
  • खुद से ही नाराज़ हूँ.कुछ दिन के लिए सेड सोंग सुनने का पक्का मानस बना लिया है.मोबाइल का मेमोरी कार्ड भी 'मुकेश' से भर लिया है.ईयर फोन खराब है कल ही नया लूंगा.कुछ वक़्त खुद के साथ गुज़ारूंगा.बहुत दिन हो गए खुद से मिले हुए.विश्व पुस्तक मेले के बहाने प्रकाशित होने वाली पुस्तकों के लेखक मित्रों को बधाइयां.बसंत के आगमन पर सभी को मौसम का आनंद मुबारक.युवतरों को वेलंटाइन का प्रेम मुबारक.मौसम में आ रहे बदलाव पर सेहत के ख़याल के सुझाव,आपका माणिक
  • 'अनुष्का' ने बहुत दिन बाद अपनी शास्त्रीय नृत्य क्लास सीखी.अपने यूट्यूब आश्रम से 'नृत्यश्री फाउंडेशन' की इस तिल्लाना प्रस्तुति से खुद में कुछ नया बीजारोपण किया

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