Loading...
31 अगस्त, 2013

31-08-2013

'प्रतिरोध का सिनेमा' की सीरीज में आगामी 14 -15  सितम्बर को 'उदयपुर फिल्म फेस्टिवल' का आयोजन हो रहा है.हमारे साथी हिमांशु पंड्या और प्रगन्या जी इस काम को आधार दे रहे हैं.जन संस्कृति मंच के इस आयोजन से जुड़ने हेतु चित्तौड़ के प्रगतिशील साथी भी इसमें जा रहे हैं.अभी तक के नाम माणिक, रेणु , राजेश चौधरी, राजेन्द्र सिंघवी, भावना शर्मा, तय हुए हैं.सरकारी सेवा वालों के लिए तो इन दोनों दिनों में राजकीय अवकाश भी है.आयोजन में 'गर्म हवा','जय भीम कामरेड', 'सुपरमैन ऑफ मालेगांव' सरीखी और भी फ़िल्में प्रदर्शित की जाएगी।इस आयोजन में देशभर के विचारवान साथी आएँगे।साथियो आप भी मन बनाइएगा।
--------------------
इस देश में कहीं आपको 'कबीर' दिखे तो उन्हें कहना थोड़ा जल्दी-जल्दी चले उनकी शिक्षाएं और उपदेश की सभी मुहल्लों में ज़रूरत है एक ही जगह रुकने से लोगों के काम अटके हुए हैं गज़ब करते हैं अपने 'कबीर' भी
------------------------
वैसे एक खुलासा आज कर दूं कि मैं भी 'भगत' हूँ मगर मैंने 'भगत' बनते ही अपने 'विवेक' को नहीं त्यागा।आज फायदे में हूँ.
-----------------------
मैं तो हार गया अब अगर आपके ध्यान में कहीं बिना आश्रम,बिना ध्यान,बिना प्रवचन,बिना अनुयायी,बिना पांडाल,बिना पोस्टर,बिना होर्डिंग,बिना चेलों के अगर 'संत' बनने की कोई राह हो तो बताइएगा।मुझे भी अप्लाई करना है
-----------------------
कुछ लोग अपनी लिखी नयी कहानी को किसी प्रेस विज्ञप्ति या आयोजन रिपोर्ट की तरह एक साथ पंद्रह से बीस पत्रिकाओं को छपने भेजते हैं लानत है उनकी समझ और बुद्धि पर
-----------------------
हमारे देखते-देखते 'कितनी सारी संज्ञाओं की परिभाषाएं' भोटी (धार रहित )हो गयी है गोया वारंट,सम्मन,आश्रम,अनुचर,क़ानून,गुरु,पुलिस,वोट,संत,नेता (लिस्ट संपादित करते हुए इसमें और कुछ संज्ञाएँ जोड़ने के रास्ते खुले हैं
-----------------------
एक अच्छे व्यक्तव्य का दोहराव यह कि ''अपराधी की कोई जाति,धर्म और सम्प्रदाय नहीं होता।अपराधी केवल और केवल अपराधी है.'' प्लीज़ डू नोट बी कन्फ्यूस्ड अगेन एंड अगेन
-----------------------
आज मैंने नया पाठ सीखा कि 'उद्दंड अनुयायी' भी मुसीबत में काम आते हैं.इसलिए हर तरह के चेले-चपाटी कबाड़ के रखिएगा।
-----------------------
'जब मैंने कोई पाप किया ही नहीं है अब डर किस बात का'
----------------------
भक्तों को डर है कि गुरूजी की पोल अब खुले कि तब खुले
---------------------
एक अनुमान के अनुसार आगामी सताईस अक्टूबर,रविवार को 'राजस्थान साहित्य अकादेमी' और 'अपनी माटी संस्थान' चित्तौड़ में 'मुनि जिनविजय जी' केन्द्रित एक संगोष्ठी और किसी बेहद ज़रूरी मुद्दे पर आधे दिन का एक खुला सत्र आयोजित करेगी।सनद रहे ये 'अनुमान' हैं
---------------------

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें

 
TOP