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02 नवंबर, 2013

इतनी सारी बधाइयों से मरा हुआ आदमी ज़िंदा हो जाए

इन उत्सवी दिनों के बीच आज हमारी शादी को सात साल पूरे हो गए(यानिकि लड़ते-झगड़ते/मनाते-रूठते/गिरते-पड़ते/दौड़ते-रुकते/ठाहकों-धमकियों/दर्दों-दिलासों/परेशानियों-हौसलों/मनमुटावों-गर्जनाओं से भरे कितने दिन गुज़र गए और इस तरह यह रिश्ता ओर भी प्रगाढ़ होता गया.नंदिनी को मुझ जैसे कमतर इंसान के साथ इतने साल बिताने के लिए सार्वजनिक रूप से शुक्रिया।)


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