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28 फ़रवरी, 2019

आत्मकथा लेखन ज़्यादा बड़ी जिम्मेदारी का काम है। प्रो. श्योराज सिंह बेचैन। Mulaaqaat With Manik


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नमस्ते,दलित साहित्य के बड़े लेखक,चिन्तक और समालोचक प्रो. श्योराज सिंह बेचैन दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं. 'अपनी माटी' के इस यूट्यूब टेलिकास्ट शो 'मुलाक़ात विद माणिक' के लिए उनसे यह https://www.youtube.com/watch?v=vEygClJn-7U बातचीत दिल्ली में फरवरी 2019 में पहले दलित लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान संभव हुई.गौरतलब है कि उनके दलित आत्मकथा बड़ी प्रसिद्द हुई जिसका नाम है ' मेरा बचपन मेरे कन्धों पर'.यह वाणी प्रकाशन से छपी है.पंद्रह मिनट की बातचीत है.शायद आपको अच्छी लगेगी.

संस्कृतिकर्मी माणिक http://manik.apnimaati.com/
योजना:एज्युकेशनल एक्टिविस्ट महेंद्र नंदकिशोर
वेब पोर्टल:http://www.apnimaati.com
This Production is copyright by Apni Maati E-Magazine(www.apnimaati.com)

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