नमस्कार,हिन्दुस्तान के प्रसिद्द हिंदी आलोचक डॉ.नामवर सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे हैं.आलोचक होने के साथ ही बतौर लोकप्रिय अध्यापक भी उन्हें...
नमस्कार,हिन्दुस्तान के प्रसिद्द हिंदी आलोचक डॉ.नामवर सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे हैं.आलोचक होने के साथ ही बतौर लोकप्रिय अध्यापक भी उन्हें...
तद्भव का पच्चीसवां अंक पढ़ते हुए।सम्पादक अखिलेश जी को सलाम कि उन्होंने गज़ब का संकलन निकाला है।नामवर जी के संस्मरणों से शुरू।नामवर जी ने बहु...