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04 अगस्त, 2013
04-08-2013

04-08-2013

रविवार, अगस्त 04, 2013

'किले में कविता' का  पहला आयोजन बड़ा गज़ब रहा। आयोजन से ठीक पहले बारिश और आयोजन ख़त्म होते-होते बारिश का जबरदस्त दौर। कुल जमा तीस सा...

24 जून, 2013
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24-06-2013

सोमवार, जून 24, 2013

अभी तक कुछ भी ढ़ंग से पढ़ नहीं पाया।सोचता हूँ वो 'सिरफिरे' ठीक ही कहते रहे।उनकी टिप्पणियाँ जो उस वक़्त कांटे-की सी चुभी आज बड़ी याद ...

17 मई, 2013
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16-05-2013

शुक्रवार, मई 17, 2013

दिनों बाद घर में शान्ति देख उस्ताद राशिद खान का गाया राग पुरिया सुन रहा हूँ।बंदिश है '' मैं तो कर आयी रंगरलियाँ पिया सं...

10 मई, 2013
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10-05-2013

शुक्रवार, मई 10, 2013

तद्भव का पच्चीसवां अंक पढ़ते हुए।सम्पादक अखिलेश जी को सलाम कि उन्होंने गज़ब का संकलन निकाला है।नामवर जी के संस्मरणों से शुरू।नामवर जी ने बहु...

29 मार्च, 2013
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29-03-2013

शुक्रवार, मार्च 29, 2013

येनकेन आमंत्रण पत्र छप गए।पिछ्ला आमंत्रण देखते ही प्रायोजक खुद चलकर सहयोग देते बने। हमने इस बार एक आयोजन स्थल और दो प्रायोजकों को ना कहा। मत...

24 मार्च, 2013
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24-03-2013

रविवार, मार्च 24, 2013

आयोजन के एक महीने पहले से चिंतन और चिंता का दौर।साथियों की तरफ से आती हुयी सलाहें और मशवरों के बीच की चर्चाएँ।कभी चार का जमावड़ा राजेन्द्र स...

09 मार्च, 2013
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09-03-2013

शनिवार, मार्च 09, 2013

कविता करना अच्छा लगता है। पाठक की तलाश में फ़ेस बुक पर साझा करना और मित्रों के बीच से आती हुई टिप्पणियाँ मुझे प्रेरणा के स्तर पर आगे बढ़ाती ...

10 जनवरी, 2013
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10-01-2013

गुरुवार, जनवरी 10, 2013

संभावना हमारे शहर की संस्था है जिसने हमें बहुत हद तक साहित्य का क-ख-ग सिखाई है।आजकल इसका संयोजन कनक भैया देख रहे थे। एक दिन बोले यार एक संयो...

06 जनवरी, 2013
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06-01-2013

रविवार, जनवरी 06, 2013

कल हमने डॉ सत्यनारायण व्यास के घर हुयी संगोष्ठी का प्रेस नोट भेजा। (समकालीन परिदृश्य में देश में जिस तरह के हालात है,कहीं न कहीं हमारी मानसि...

04 जनवरी, 2013
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04-01-2013

शुक्रवार, जनवरी 04, 2013

पहले से तय था।मुझे योगेश जी कानवा को लेकर सत्यनारायण जी के घर जाना था। कानवा जी पास गाड़ी  नहीं थी ऑफिस की गाड़ी हर कहीं तो नहीं ले जाई जा स...

 
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