अभी तक कुछ भी ढ़ंग से पढ़ नहीं पाया।सोचता हूँ वो 'सिरफिरे' ठीक ही कहते रहे।उनकी टिप्पणियाँ जो उस वक़्त कांटे-की सी चुभी आज बड़ी याद ...
अभी तक कुछ भी ढ़ंग से पढ़ नहीं पाया।सोचता हूँ वो 'सिरफिरे' ठीक ही कहते रहे।उनकी टिप्पणियाँ जो उस वक़्त कांटे-की सी चुभी आज बड़ी याद ...
एक समागम की तैयारियों के बीच फंसा हुआ आदमी।कुछ कन्फर्म टिकट के केंसल होने का दुःख झेलता बाकी बचे टिकट का मालिक।रास्ते की तैयारियों में काम आ...
कभी कभी ऐसा होता कि कोई अच्छा जानकार घर आता है और दस ज़रूरी किताबों के बारे में हमें सुझाव देता हुआ कुछ पढने-लिखने और फिर आगे बढ़ने की सला...
तमाम हालातों के बीच आकाशवाणी चित्तौड़ के मार्फ़त 'बस्सी काष्ठ कला' पर एक रेडियो रूपक बनाने में जुटा हूँ।रूपक हमने प्रवीण कुमार जोशी ...
आदतें बदलने की कोशिश करते समय केवल खुद को 'पात्र' समझना चाहिए।बाकी दूजों को बदलने की हिमाक़त कर लेना बड़ी बेवकूफी की तरफ कदम रखना सा...