एक कवि अपने जीवन में लिखी तमाम कविताओं में से एक संतोषजनक लम्बी कविता की रिकोर्डिंग के लिए तैयार है।एक बेटी लिखने,सुनने और बतियाने का सलीका ...
एक समागम की तैयारियों के बीच फंसा हुआ आदमी।कुछ कन्फर्म टिकट के केंसल होने का दुःख झेलता बाकी बचे टिकट का मालिक।रास्ते की तैयारियों में काम आ...
कभी कभी ऐसा होता कि कोई अच्छा जानकार घर आता है और दस ज़रूरी किताबों के बारे में हमें सुझाव देता हुआ कुछ पढने-लिखने और फिर आगे बढ़ने की सला...
पहले से तय था।मुझे योगेश जी कानवा को लेकर सत्यनारायण जी के घर जाना था। कानवा जी पास गाड़ी नहीं थी ऑफिस की गाड़ी हर कहीं तो नहीं ले जाई जा स...