सारी दुनिया एक तरफ और महीने में वरिष्ठ मित्रों के घर के चार चक्कर एक तरफ ।दिलो-दिमाग का मेल साफ़ करने का इससे बेहतर और सस्ता इलाज शायद मैंने...
सारी दुनिया एक तरफ और महीने में वरिष्ठ मित्रों के घर के चार चक्कर एक तरफ ।दिलो-दिमाग का मेल साफ़ करने का इससे बेहतर और सस्ता इलाज शायद मैंने...
अभी तक कुछ भी ढ़ंग से पढ़ नहीं पाया।सोचता हूँ वो 'सिरफिरे' ठीक ही कहते रहे।उनकी टिप्पणियाँ जो उस वक़्त कांटे-की सी चुभी आज बड़ी याद ...
दिनों बाद घर में शान्ति देख उस्ताद राशिद खान का गाया राग पुरिया सुन रहा हूँ।बंदिश है '' मैं तो कर आयी रंगरलियाँ पिया सं...
एक समागम की तैयारियों के बीच फंसा हुआ आदमी।कुछ कन्फर्म टिकट के केंसल होने का दुःख झेलता बाकी बचे टिकट का मालिक।रास्ते की तैयारियों में काम आ...
येनकेन आमंत्रण पत्र छप गए।पिछ्ला आमंत्रण देखते ही प्रायोजक खुद चलकर सहयोग देते बने। हमने इस बार एक आयोजन स्थल और दो प्रायोजकों को ना कहा। मत...
होली के हुड़दंग के मायनों को लेकर घंटो बहस और विमर्श के बाद भी जब रंग-गुलाल चेहरे पर रंगने कोई अपना सामने आ ही जाता है तो सारे विमर्श फीके प...
आयोजन के एक महीने पहले से चिंतन और चिंता का दौर।साथियों की तरफ से आती हुयी सलाहें और मशवरों के बीच की चर्चाएँ।कभी चार का जमावड़ा राजेन्द्र स...
कविता करना अच्छा लगता है। पाठक की तलाश में फ़ेस बुक पर साझा करना और मित्रों के बीच से आती हुई टिप्पणियाँ मुझे प्रेरणा के स्तर पर आगे बढ़ाती ...
संभावना हमारे शहर की संस्था है जिसने हमें बहुत हद तक साहित्य का क-ख-ग सिखाई है।आजकल इसका संयोजन कनक भैया देख रहे थे। एक दिन बोले यार एक संयो...
कल हमने डॉ सत्यनारायण व्यास के घर हुयी संगोष्ठी का प्रेस नोट भेजा। (समकालीन परिदृश्य में देश में जिस तरह के हालात है,कहीं न कहीं हमारी मानसि...
पहले से तय था।मुझे योगेश जी कानवा को लेकर सत्यनारायण जी के घर जाना था। कानवा जी पास गाड़ी नहीं थी ऑफिस की गाड़ी हर कहीं तो नहीं ले जाई जा स...