चला जाता हूँ कभी वक्त निकालकर भूले भटके याद करता हूँ आम आदमी की तरह देर सवेर पुरानी काम की चीजें, किले,संस्कृति या हो सरोकार आज फिर किले म...
चला जाता हूँ कभी वक्त निकालकर भूले भटके याद करता हूँ आम आदमी की तरह देर सवेर पुरानी काम की चीजें, किले,संस्कृति या हो सरोकार आज फिर किले म...